8 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Mon 6th Feb 2023 : 14:10

गर्भावस्था के आठवें महीने में कैसा हो आहार
आठवें महीने में बच्चे का विकास लगभग पूरा हो चुका है। अब आपका पौष्टिक आहार खाना इसलिए जरूरी है क्योंकि आपकी ओर से खाया गया भोजन जन्म के समय बच्चे का वजन निर्धारित करेगा। डिलीवरी के दौरान खून काफी बहता है, ऐसे में पौष्टिक आहार आपको इस दिक्कत से भी लड़ने की ताकत देता है। आठवें महीने में आपको जिन आहारों का सेवन करना चाहिए, वे इस प्रकार हैं।

प्रसव के बाद ताकत के लिए कैसे बनाएं गोंद के लड्डू

8 उपाय गर्भावस्था प्रसव प्रसव पीड़ा को आसान बनाने के

फायदेमंद योगासन गर्भवती महिलाओं के लिए और क्या हैं इसके फायदे?

नार्मल डिलीवरी चाहती हैं तो इन आसान योगासन को जरूर करें

विटामिन और खनिज से भरपूर आहार – इस महीने में आपको ऐसा भोजन करना चाहिए, जिनमें प्रचूर मात्रा में विटामिन और खनिज हों। आपको आयरन और कैल्शियम का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए। दरअसल डिलीवरी के दौरान ब्लीडिंग होती है, ऐसे में आपके शरीर में खून की कमी न हो इसके लिए जरूरी है कि आप आयरन व कैल्शियम का सेवन अधिक मात्रा में करें। इसके लिए आप आहार में हरे पत्ते वाली सब्जियां, पालक, खुमानी, सूखे फल, मछली, दुग्ध उत्पाद, केले व नट्स को शामिल करना चाहिए।

प्रोटीन युक्त भोजन – प्रेग्नेंसी के आठवें महीने में आपको प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। प्रोटीन युक्त आहार के लिए फलियां, दुबला मांस, सफेद अंडे, टोफू, मछली, मुर्गे का सीना, दूध, दही, व सोया का सेवन बेहतर विकल्प है। इनके सेवन से आपको पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मिलेगा, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा।

कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार – गर्भवती को प्रेग्नेंसी के आठवें महीने में कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार अच्छे से लेना चाहिए। इससे मां और पेट में मौजूद बच्चे की सेहत ठीक रहती है। अगर आप भी गर्भावस्था के आठवें महीने में हैं तो कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार के लिए आलू, साबुत अनाज, शकरकंदी, फलियां, पालक, जामुन, तरबूज आदि को अपने आहार में शामिल करें।

फाइबर युक्त आहार – प्रेग्नेंसी के आठवें महीने में आपको फाइबर युक्त आहार भी लेना चाहिए। दरअसल इस अवस्था में बच्चे का साइज व पेट का साइज बढ़ने से गर्भवती को कब्ज की समस्या होने लगती है। इससे बचने के लिए उसे फाइबर युक्त आहार लेना चाहिए। फाइबर के लिए आप अपने आहार में ओट्स, फल, गेहूं के आटे की ब्रेड व हरी सब्जियां ले सकते हैं।

गर्भावस्था के आठवें महीने में कुछ परहेज भी जरूरी

आप अब उस अवस्था में हैं जहां जरा सी लापरवाही आपके साथ-साथ आपके बच्चे को भी नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के आठवें महीने में आपको कुछ सावधानी बरतने व परहेज करने की भी जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि आपको इस दौरान किस तरह के आहारों से दूर रहना चाहिए।

सॉफ्ट चीज – इस महीने में आकर आपको सॉफ्ट चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। सॉफ्ट चीजों में लिस्टेरिया नामक बैक्टीरिया होता है जिसकी वजह से आपको व बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है।

कैफीन युक्त चीजों से परहेज करें – डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान कैफीन युक्त चीजों से दूर रहने की सलाह देते हैं। अगर आपको कॉफी पीने की बहुत लत है, तो दिन में एक बार ही पीएं। वैसे कोशिश करें कि इससे दूर ही रहें। कम से कम लेने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो कैफीन की अधिक मात्रा से पेट में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंच सकता है। कॉफी के अलावा चाय और चॉकलेट का भी सेवन न करें। इनमें भी कैफीन होता है।

कच्चा अंडा, कच्चा मांस – प्रेग्नेंसी के आठवें महीने में गलती से भी कच्चा यानी अधपका मांस व अंडा न खाएं। कच्चा मांस खाने से उनमें मौजूद साल्मोनेला बैक्टीरिया से भोजन विषाक्तता की आशंका रहती है। जो मां और बच्चे दोनों को ही काफी नुकसान पहुंचा सकता है। ये ब्लॉग तो जरूर पढ़ लें :- अंडे को लेकर अपनी ये कनफ्यूजन दूर कर लें



गैर पाश्चयुरीकृत दूध – प्रेग्नेंसी में पाश्चयुरीकृत दूध का ही सेवन करें। इस अवस्था में गैर पाश्चयुरीकृत दूध लेने से आपको दिक्कत हो सकती है। गैर पाश्चयुरीकृत दूध में लिस्टेरिया नामक वैक्टीरिया होता है, जो आपके व बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

उच्च मरकरी वाली मछली – यूं तो गर्भावस्था में मछली खाना फायदेमंद है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि मछली उच्च मरकरी वाली न हो। आपको शार्क व किंग मैकरल जैसी मछलियां नहीं खानी चाहिएं।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info